किसानों के लिए समय नहीं लेकिन जीएसटी के लिए रात्रि 12 बजे संसद खुली – राहुल

बांसवाड़ा, 19 जुलाई। कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने आज यहां दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने के वायदे से मुकरने का अरोप लगाते हुए कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार के पास लोकसभा में किसानों की समस्याओं पर चर्चा के लिए भी समय नहीं है लेकिन अमेरिका को जीएसटी कानून दिखाने के लिए रात्रि बारह बजे संसद को खोल दिया। श्री गांधी राजस्थान के आदिवासी बहुल बांसवाड़ा शहर में प्रदेश कांगेस कमेटी द्वारा आयोजित किसान आक्रोश रैली को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज सुबह वह लोकसभा गये थे और देश में किसानों की दुर्दशा के लिये केवल दस से पन्द्रह मिनट चर्चा करने का समय मांगा लेकिन उन्हें यह समय नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास गरीब, किसान, मजदूर, छोटे व्यापारियों के दुख दर्द सुनने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने सत्ता में आने से पहले देश की जनता एवं नौजवानों से दो प्रमुख वायदे किये थे।
इसमें एक प्रति वर्ष दो करोड़ युवाओं को नौकरियां दी जायेंगी तथा प्रत्येक व्यक्ति के खाते में पन्द्रह पन्द्रह लाख रुपये जमा कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि जब मैंने संसद में सवाल उठाया कि कितने लोगों को रोजगार दिया गया तब जबाव मिला कि यह संख्या एक लाख से भी कम है। श्री गांधी ने देश को आजाद कराने में कांग्रेस पार्टी के नेताओं के योगदान की चर्चा करते हुये कहा कि कांग्रेस की सेना ने अंग्रेजों को हराकर देश को आजाद कराया। उन्होंने कहा कि जब वीर सावरकरजी ने अंग्रेजों के सामने सिर झूका दिया था तब हमारी पार्टी के नेता देश से अंग्रेजों को भगाने का काम कर रहे थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विदेशी दौरों पर कटाक्ष करते हुये श्री गांधी ने कहा कि दुनिया में हिन्दुस्तान की पहचान अच्छे भाषण देने से नहीं बल्कि किसानों के खून पसीने से बनी हैं। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार देश के केवल 50 बड़े उद्योगपतियों के लिए काम कर रही है जबकि किसान, मजदूर, गरीब, दलित एवं पिछडे एवं छोटे व्यापारियों के लिए उसके पास समय नहीं हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी जीएसटी लागू करने के लिए तीन से चार माह का समय चाहती थी तथा उसमें कुछ संशोधन चाहती थी लेकिन सरकार ने दबाव डाला की वह एक जुलाई को ही लागू करके रहेगी।
युवाओं को रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री के मेक इन इंडिया की चर्चा करते हुये श्री गांधी ने इसे झूठा वायदा बताते हुये कहा कि इससे किसी को रोजगार नहीं मिला है। श्री गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में चुनावों से पूर्व उन्होंने 60 दिन तक राज्य में घूम-घूमकर किसानों की समस्याएं सुनी तथा केवल उत्तर प्रदेश में दो करोड़ फार्म भरवाये गये। इसमें सभी किसानों ने अपनी पहली प्राथमिकता कर्जा माफी, दूसरी उपज का उचित दाम तथा तीसरी बिजली के बिल को आधा करने का आग्रह शामिल था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने उत्तर प्रदेश में किसानों की मांगों से संबंधित सभी फार्म प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सौंपते हुये दबाव बनाया तो सरकार को कर्जा माफी की घोषणा करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस शासित प्रदेश पंजाब एवं कर्नाटक की सरकारें कर्जा माफ कर सकती हैं तो राजस्थान की सरकार कर्जा क्यों नहीं माफ कर सकती है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में किसान को उपज की सही लागत नहीं मिलती है तथा जिससे किसानों पर कर्ज हो गया हैं।
श्री गांधी ने कहा कि राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के युवा अध्यक्ष सचिन पायलट राज्य सरकार पर ऐसा दबाव बनाये की उसे राज्य में किसानों के कर्जा माफ करने के लिए मजबूर होना पड़े। उन्होंने इस अवसर पर मंच पर मौजूद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत एवं राष्ट्रीय महासचिव डा.सी.पी.जोशी से भी कहा कि वे इसमें कांग्रेस अध्यक्ष की मदद करें।
इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि भाजपा द्वारा थोथे वायदे कर सत्ता हथियाने की पोल खुल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने मन बना लिया हैं कि अगली सरकार यहां कांग्रेस की बनेगी।
रैली को संबोधित करते हुये प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि राज्य के किसानों का सरकार के खिलाफ दिनों दिन आक्रोश बढ़ता जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कुछ समय पहले 60 किसान कर्ज से परेशान होकर आत्म हत्या कर चुके हैं तथा हाल ही में 10 और किसानों ने आत्महत्या की है।

 

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