खतौली में भीषण टे्रन हादसा:20 से अधिक मरे…

उत्कल कलिंगा एक्सप्रेस पटरी से उतरी,डब्बे के ऊपर डब्बे चढ़े

मुजफ्फरनगर, 19 अगस्त। मुजफ्फरनगर के खतौली रेलवे स्टेशन के पास पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के 10 डिब्बे आज पटरी से उतर जाने के कारण 20 यात्रियों की मृत्यु हो गई और 60 से अधिक घायल हो गये। घायलों में 26 की हालत गंभीर बतायी गई है। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। नाजुक हालत में छह यात्रियों को मेरठ रेफर किया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनन्तदेव तिवारी ने 20 यात्रियों के मरने की पुष्टि की और बताया कि कम से कम 25 यात्रियों की हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें स्थानीय अस्पतालों में रखा गया है। श्री तिवारी ने मृतकों की संख्या बढऩे की संभावना से इन्कार नहीं किया। उनका कहना था कि कई घायलों की हालत नाजुक बनी हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस हादसे में मरने वालों की संख्या ज्यादा है। रेलवे ने हादसे के शिकार हुए परिजनों की मदद के लिए हेल्पलाइन नम्बर जारी की है। दिल्ली में 011-23962389, 23967332, नई दिल्ली 011-23342954, 23341074, निजामुद्दीन 011-242399748, गाजियाबाद 9412715210 और मुजफ्फरनगर में 0131-2433099 से जानकारी ली जा सकती है। इस बीच, रेलवे सूत्रों ने बताया कि पुरी से हरिद्वार जा रही कलिंग-उत्कल एक्सप्रेस के 10 डिब्बे शाम पांच बजकर 46 मिनट पर पटरी से उतरे हैं। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन का एक डिब्बा रेल पटरी के पास स्थित एक मकान में घुस गया। दुर्घटना के उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिये गये हैं। रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा घटना स्थल पर पहुंच गये हैं। उन्होंने बचाव और राहत कार्यों का जायजा लिया। उनका कहना था कि घटना की जांच करायी जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी लेकिन पहली प्राथमिकता हताहतों की मदद करना है। घायलों को बेहतर चिकित्सा दिलवाना है। पीडि़त परिवारों को ढांढस बंधाना है। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गये और उन्होंने राहत बचाव कार्य का निरीक्षण किया। मेरठ और मुजफ्फरनगर व बिजनौर से चिकित्सकों का दल मौके पर पहुंच गया है। रिलीफ ट्रेन मौके पर पहुंच गयी है। मेरठ मण्डल के सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को एलर्ट कर दिया गया। मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी ने स्थानीय स्तर पर डाक्टरों की व्यवस्था की है। घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य के लिए नौ कम्पनी पीएसी और एनडीआरएफ की टुकडिय़ां तैनात की गई हैं। इस दुर्घटना की वजह से दिल्ली-देहरादून रेलमार्ग बाधित है। रेलगाडिय़ों के मार्ग परिवर्तित कर शामली और मुरादाबाद होकर भेजा जा रहा है। रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी राहत एवं बचाव कार्य में लगे हुए हैं। दुर्घटनाग्रस्त ट्रेन से सपरिवार हरिद्वार जा रहे रामचन्द्र सिंह ने बताया कि हादसे के समय वह परिवार के साथ कुछ खा रहे थे कि एक तेज आवाज हुई और देखते-देखते कोहराम मच गया। ट्रेन में अफरातफरी का माहौल था। लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने की कोशिश करते दिखे। चंद सेकेंड में नजारा बदल गया और हंस बोल रहे यात्रियों में चीख पुकार मच गयी। श्री सिंह के अनुसार प्रशासन से पहले स्थानीय लोगों ने यात्रियों की मदद की। घायलों को डिब्बों से निकालना शुरू किया और अपनी निजी गाडिय़ों से अस्पताल ले जाते देखे गये। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर हादसे पर दुख जताया है। मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए घायलों के मुफ्त इलाज की घोषणा की। उन्होंने जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर से बात कर स्थिति की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री ने की आर्थिक मदद की घोषणा

लखनऊ,19 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मुजफ्फरनगर में हुई ट्रेन दुर्घटना को दु:खद बताते हुए अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने रेल हादसे में घायल यात्रियों के नि:शुल्क इलाज सहित हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेन दुर्घटना में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने दुर्घटना की सूचना मिलते ही घायलों के समुचित इलाज की व्यवस्था एवं राहत तथा बचाव कार्य पर निगाह रखने के लिए प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री सतीश महाना एवं गन्ना विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सुरेश राणा को घटनास्थल पर पहुंचने के लिए कहा है। साथ ही, उन्होंने जिलाधिकारी को रेलवे से आपसी समन्वय बनाकर राहत एवं बचाव के कार्यों को तेजी और प्रभावी ढंग से कराने के निर्देश दिए हैं।

मोदी ने दुख जताया,प्रभु ने की मुआवजा की घोषणा

नयी दिल्ली, 19 अगस्त। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के मुजफ़्फरनगर जिले में 18477 डाउन कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने की घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। इस बीच रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने इस दुर्घटना में मारे गये लोगों के परिजनों को साढ़े तीन लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को पचास हज़ार और मामूली रूप से घायलों को 25 हज़ार रुपये की मदद देने की घोषणा की है। श्री मोदी ने ट्वीट करके कहा कि उन्हें उत्कल एक्सप्रेस की दुर्घटना से बहुत दुख हुआ है। उनकी संवेदनाएं इस दुर्घटना में जान गंवाने वालों के परिजनों के साथ हैं। उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने कहा कि रेल मंत्रालय इस दुर्घटना की निगरानी कर रहा है। रेल मंत्रालय एवं उत्तर प्रदेश सरकार राहत एवं बचाव के लिये हरसंभव सहायता कर रही है।

प्रभु ने दिये खतौली रेल दुर्घटना के जांच के आदेश

नयी दिल्ली, 19 अगस्त। रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने उत्तर प्रदेश के मुजफ़्फरनगर जिले में हुई रेल दुर्घटना के जांच के आदेश दे दिये हैं और कहा है कि किसी भी चूक की दशा में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जायेगी। रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा और रेलवे बोर्ड में सदस्य (यातायात) मोहम्मद जमशेद घटना स्थल के लिये रवाना हो गये हैं। श्री प्रभु दुर्घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य की स्वयं निगरानी कर रहे हैं। पुरी से हरिद्वार जा रही 18477 डाउन कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के आठ कोच मुजफ़्फरनगर जिले में खतौली स्टेशन के यार्ड से निकलते वक्त पांच बजकर 46 मिनट पर पटरी से उतर गये, जिसमें 50 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। दुर्घटना में कुछ यात्रियों की मृत्यु भी हुई है लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है। श्री प्रभु ने दुर्घटना की सूचना मिलते ही रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ आपात बैठक में स्थिति की समीक्षा की। रेल मंत्री दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि श्री मनोज सिन्हा और मैं व्यक्तिगत रूप से स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। श्री सिन्हा एवं सदस्य यातायात मोहम्मद जमशेद के साथ घटनास्थल को जा रहे हैं। उन्होंने कहा मैं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्य सरकार के अधिकारियों और जिला प्रशासन के संपर्क में हूं।
मैंने इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारणों की जांच के आदेश दे दिये हैं तथा किसी भी चूक की दशा में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी।
रेल मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के दो मंत्रियों को राहत एवं बचाव कार्य में मदद के लिये खतौली जाने के निर्देश दिये हैं।
श्री प्रभु ने कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों को घटनास्थल पर पहुंचने तथा राहत और बचाव कार्य तत्परता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं। घटनास्थल की ओर पांच मेडिकल वैन भेजी गयी हैं। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सदस्य यातायात राहत और बचाव कार्यों का प्रबंधन करने का निर्देश दिया गया है। महाप्रबंधक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को यात्रियों को यथासंभव मदद करने को कहा गया है। रेलवे बोर्ड के सदस्य इंजीनियरिंग एवं स्वास्थ्य महानिदेशक को भी घटनास्थल पर जाने को कहा गया है।
श्री सिन्हा ने भी कहा कि वह रेलवे बोर्ड के सदस्य यातायात के साथ वह घटनास्थल को रवाना गये हैं।

 

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