राम जन्म भूमि विवाद – सुप्रीम कोर्ट का हाईकोर्ट को आब्जर्बर नियुक्त करने का निर्देश…

नई दिल्ली, 11 सितम्बर। अयोध्या में राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने दो नए ऑब्जर्वर की नियुक्ति के आदेश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट कोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा कि 10 दिन के भीतर दो जजों को ऑब्जर्वर नियुक्त करें। ये ऑब्जर्वर विवादित भूमि की निगरानी करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इन दो जजों में जिला, अतिरिक्त जज या फिर स्पेशल जज हो सकते हैं।
बता दें कि मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह आदेश उस वक्त दिया जब इलाहाबाद हाईकोर्ट की ओर से उसे यह अवगत कराया गया कि मामले के दो ऑब्जर्वर्स में से एक रिटायर हो चुके हैं, जबकि दूसरे पदोन्नत होकर हाईकोर्ट में पहुंच चुके हैं। इसके बाद न्यायालय ने 10 दिन के भीतर नये पर्यवेक्षक नियुक्त करने का आदेश दिया सुप्रीम कोर्ट इस बहुप्रतीक्षित मामले की अंतिम सुनवाई पांच दिसम्बर से करने वाली है। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ 13 अपील शीर्ष अदालत में लंबित हैं।
गौरतलब है कि बीजेपी सहित कई हिंदू संगठनों का दावा है कि हिंदू देवता राम का जन्म ठीक वहीं हुआ जहां बाबरी मस्जिद थी। इसी विवाद के चलते छह दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद गिरा दी गई। इसके अलावा यहां जमीन के मालिकाना कब्जे का विवाद है। सितंबर, 2010 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला देते हुए विवादित बाबरी मस्जिद के बीच के गुम्बद को राम जन्म भूमि मानते हुए विवादित डेढ़ हजार वर्ग मीटर जमीन का तीन पक्षों में बंटवारा कर दिया था।

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