राष्ट्रपति के पास जाएंगे आप के विधायक-सिसोदिया

नयी दिल्ली, 20 जनवरी। लाभ के पद मामले में आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराने की चुनाव आयोग की सिफारिश पर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने आज तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने पक्षपात किया है उसके इस फैसले के खिलाफ आप विधायक राष्ट्रपति से मिलेंगे। श्री सिसोदिया ने आज यहां संवाददाताओं से कहा ‘हमने राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा है। हमारे विधायक राष्ट्रपति को बताएंगे कि उन्हें अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया। ऐसे में अगर उन्हें अयोग्य ठहराने की सिफारिश की गयी है तो यह असंवैधानिक है। उन्होंने कहा कि आप के जिन विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया था उन्हें एक रूपया भी नहीं दिया गया और न ही कोई सुविधा दी गयी जबकि भाजपा और कांग्रेस के शासन वाले 20 राज्यों में विधायकों को संसदीय सचिव बनाया गया है और उन्हें तमाम तरह की सुविधाएं और वेतन भी दिया गया है। ऐसे में आप के विधायकों को अयोग्य घेाषित किया जाना पूरी तरह अनुचित है।
श्री सिसोदिया ने पूरे मामले को भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर रचे जाने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा चौथे गियर में चल रही दिल्ली सरकार के विकास कार्यों से घबरा गयी है। आप ने दिल्ली में आम आदमी के लिए पानी, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में तेजी से काम किया है। भाजपा इसमें बाधा डालना चाहती है क्योंकि वह जानती है कि अगर यह काम सफल हो गए तो उसकी दुकान बंद हो जाएगी। वह इस तरह के व्यवधान खड़े करके दिल्ली को एक बार फिर से चुनाव में धकेलना चाहती है और लोगों को उलझाए रखना चाहती है।

चुनाव से नहीं डरती आम आदमी पार्टी
नई दिल्ली,20 जनवरी। आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को चुनाव आयोग द्वारा अयोग्य करार दिए जाने के बाद दिल्ली का सियासी पारा गरमा गया है। एक तरफ जहां दिल्ली बीजेपी और दिल्ली कांग्रेस ने 20 विधानसभा क्षेत्रों में उपचुनावों की संभावना पर गंभीरता से चर्चा शुरू कर दी है वहीं संकट से गुजर रही आम आदमी पार्टी ने कहा कि उसे चुनावों से डर नहीं लगता। हमारा भाग्य लोग तय करते हैं। आप की दिल्ली इकाई के प्रमुख गोपाल राय ने परेशान किये जाने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह चुनावों से नहीं डरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को अपनी अनुशंसा भेजने से पहले पार्टी का पक्ष नहीं सुना। उन्होंने कहा-यह अलोकतांत्रिक कदम है। वे दिल्ली के लोगों, सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री से बदला ले रहे हैं।
आप नेता ने कहा कि 11 राज्यों में संसदीय सचिवों की नियुक्ति की गयी लेकिन केवल आप को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा, ”यह दोहरा मापदंड है। क्या संविधान सब पर लागू नहीं होता है? हमें परेशान किया जा रहा है। यह ब्रिटिश राज से भी बुरा है। राय ने कहा, ”हम न्याय की मांग को लेकर सभी लोकतांत्रिक मंचों पर जाएंगे। लोगों तक आप की पहुंच को रेखांकित करते हुए राय ने कहा, ”हम चुनावों से डरे नहीं हैं। हमारा भाग्य लोग तय करते हैं।

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