जल संचयन के लिये सभी भवनों में रेन हार्वेस्टिंग हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किये जायें : संयुक्त सचिव

पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्रालय, भारत सरकार ने कहा कि जल शक्ति अभियान भारत सरकार के पायलट प्रोजेक्ट में से एक है जिसके अंतर्गत जल संचयन के लिए केंद्र सरकार ने देश के कोने-कोने में पानी के भंडारण तथा वर्षा जल संग्रहण का अभियान संचालित किया है। उन्होंने निर्देश दिये कि सभी सरकारी एवं प्राइवेट भवनों रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किया जाए ताकि वर्षा के जल का संचयन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी निर्देश दिये कि चेक डैम तथा जलाशयों में किसी भी अवस्था में गंदा पानी न जाने दें ताकि भूगर्भ जन की स्वच्छता बनी रहे।

संयुक्त सचिव बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जल शक्ति विभाग के तत्वाधान

वर्षा जल संचयन से संबंधित आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रही थीं। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा भूगर्भ के गिरते जल स्तर को रोकने तथा उसे मानक के अनुरूप बनाए रखने के लिए गंभीरतापूर्वक प्रयास किये जा रहे है। उनके द्वारा मालन नदी के जीणीदार कराने की आवश्यकता के सम्बन्ध में पूरे जाने पर जिलाधिकारी ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य जल संचयन के अलावा उसे फूल रूप में स्थापित करते हुए इसके प्रवाह को निर्वाध रूप से जारी करता है। उन्होंने बताया कि लगभग

105 किमी. मालन नदी की चौड़ाई अभिलेखों के आधार पर सी से एक सौ बीस मीटर है, जिस पर अतिक्रमण होने

जीर्णोद्धार का कार्य जनसहभागिता के आधार पर किया जा रहा है, जिसका लाभ किसानों के साथ-साथ जनसामान्य को भी प्राप्त होगा। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने संयुक्त सचिव को यह भी बताया कि जिला प्रशासन द्वारा प्रत्येक नगर निकाय एवं पंचायत क्षेत्र स्तर पर कम से कम एक अमृत सरोवर का निर्माण कराया जा रहा है के आगामी दो माह में पूरा कर लिया आएगा। अलावा जिले में वर्तमान तफ 75 अमृत सरोवर का कार्य प्रगति पर है एवं चेकडैम का निर्माण कराया जा चुका है।

उन्होंने यह भी बताया कि मालन नदी के किनारों पर एक लाख से अधिक बांस के पौधे रोपित किए जाएंगे, जिसको देखभाल एवं संरक्षण संबंधित किसानों द्वारा किया जाएगा।

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